asli kesar ki phchan

केसर को लाल सोना कहा जाता है यानी कि इसकी कीमत सोने के समान है, लेकिन यह कीमत केवल असली केसर की है. असली केसर में ही वह खुशबू और गुण होते हैं जो हर किसी को चाहिए होता है.  असली शुद्ध केसर ही लाभदायक होती है.  केसर को उसके गुणों उसकी खुशबू और उसके रंग के कारण कई प्रकार के खाने पीने की चीजों में और दवाइयों में प्रयोग किया जाता है. यहां मैं आपको कुछ तरीके बताऊंगी इसे आसानी से असली केसर की पहचान कर सकते हैं और ठगे जाने से बच सकते हैं.

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असली केसर की पहचान कैसे करें

जब आप केसर लेने जाए तो उसे चखें अगर उसका स्वाद मीठा लगे तो वह असली केसर नहीं है. असली केसर की पहचान का सबसे अच्छा तरीका यही है कि उसका स्वाद कड़वा है तो वह असली केसर है. असली केसर की खुशबू असली शहद जैसी भीनी भीनी होती है जो मन को अच्छी लगती है. केसर को पानी में डालने पर अगर वह धीरे-धीरे रंग छोड़े तो वह असली केसर है. पानी में डालने पर असली केसर गहरा पीला रंग देता है नकली केसर लाल रंग देता है. केसर को सफेद कपड़े पर हल्का सा भिगोकर रगड़ें तो अगर वह पीला केसरिया रंग दिखाई दे तो यह असली केसर है. यह केसर की पहचान का सबसे अच्छा और आसान तरीका है. असली केसर आसानी से टूटता नहीं है.यह कुछ तरीके हैं जिनको अपनाकर आप आसानी से असली केसर की पहचान कर सकते हैं.

आजकल बाजार में हर चीजों में मिलावट होती है ऐसे में आप इन तरीकों को अपनाकर आसानी से असली केसर की पहचान कर सकते हैं. औषधीय उपयोग के लिए कश्मीरी केसर को सबसे अच्छा और उच्च गुणवत्ता वाला माना जाता है. केसर के बीज और बीजों की तरह नहीं होते हैं, इनकी प्याज की तरह गुटिकाए होती है और इनको अगस्त से सितंबर माह में बोया जाता है. केसर की खेती के लिए आपको केसर की प्याज की तरह जो गुटिकाए हैं उनको बोया जाता है और यह आसानी से मार्केट में उपलब्ध होता है. इन्हीं को बल्ब कहा जाता है. 

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